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भारत के सबसे पहले हिटर बल्लेबाज के रूप में जाने जाते थे पॉली उमरीगर
By Shubham - Jun 7, 2018 11:10 am
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भारतीय क्रिकेट में पिछले एक-दशक या आज के दिनों में बिग हीटर यानी की लम्बे-लम्बे चौके, छक्के लगाने वाले बल्लेबाजो की बात की जाए तो महेंद्र सिंह धोनी, युवराज सिंह, हार्दिक पंड्या, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सितारों के नाम आते है. मगर शायद आप नहीं जानते की इन सबसे कई दशको पहले लगभग 40-50 के दशक में भारत के एक बल्लेबाज को पहली बार बिग हिटर के नाम से जाना गया. जो अक्सर अपना शतक छक्का मार कर पूरा करता था.इस खिलाड़ी के खतरनाक अंदाज को देखकर वेस्ट इंडीज की टीम ने इसे ‘पाम-ट्री हिटर’ का नाम दिया था.

जी हाँ हम बात कर रहे है भारत के दिग्गज खिलाड़ी पॉली उमरीगर की. जिनके नाम पर पर बीसीसीआई हर साल अंताराष्ट्रीय बेस्ट भारतीय क्रिकेटर अवार्ड देता है. आग हम आपको उनके जीवन से रूबरू करवाएंगे की आखिर क्यों उनके नाम पर हर साल अवार्ड देती है बीसीसीआई ?  

भारत का सबसे पहला हिटर बल्लेबाज 

Paully Umrigar
Polly Umrigar ( pic source-google )

पॉली उमरीगर का जन्म 28 मार्च 1926 को हुआ था. जिसके बाद वो क्रिकेट की दुनिया में सबसे पहले कम्बाइंड यूनिवर्सिटी के ख़िलाफ़ नाबाद 115 रनों की पारी खेल कर नज़र में आए. उसके बाद उमरीगर को मुंबई की रणजी टीम में जगह मिली. उनके नेतृत्व में मुंबई ने 1960-62 के दौरान लगातार तीन बार रणजी ट्रॉफ़ी पर अपना कब्ज़ा किया.

उमरीगर ने भारतीय टेस्ट टीम में आते ही अपने तेज़ खेल से सबको चौका डाला. जिसका जिक्र विजय हजारे ने अपनी किताब ‘माई स्टोरी में करते हुए लिखा की वो दो छक्के जिसने उमरीगर को न सिर्फ शतक तक पहुंचाया बल्कि भारत ने पहली बार अपनी जमीन पर इंग्लैण्ड के खिलाफ जीत भी दर्ज की. चेन्नई के इस टेस्ट मैच में उमरीगर ने शानदार नाबाद 130 रनों की पारी खेली.

अपने 1948 से लेकर 1962 तक के 14 साल के कैरियर में उमरीगर ने काफी नाम कमाया. उमरीगर सबकी नजरो में महान खिलाड़ी वेस्टइंडीज दौरे के दौरान बने थे. जहां उन्होंने काफी कमाल की बल्लेबाजी की थी. जिसके कारण उन्हें पहलानजी रतनजी उमरीगर से ‘पाम-ट्री हिटर’ का नाम मिला था.

इनके अंतराष्टीय कैरियर की बात की जाये तो भारत की ओर से सबसे पहले 50 से ज्यादा टेस मैच खेलने वाले खिलाड़ी उमरीगर ही थे. इन्होने कुल 59 टेस्ट मैच खेले. जिसमें 8 मैचो में ये कप्तान भी रहे. इस तरह संन्यास लेने से पहले इन्होने 12 शतकों की मदद से 42.22 की औसत से सर्वाधिक 3,631 रन बनाए.

इतना ही नहीं उमरीगर टेस्ट क्रिकेट में किसी भी भारतीय क्रिकेटर के द्वारा पहला दोहरा शतक (223) जड़ने वाले पहले बल्लेबाज थे. जो उन्होंने नवंबर 1955 में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ हैदराबाद टेस्ट में बनाया था.

इसके साथ ही उमरीगर एक शानदार ऑफ़ स्पिन गेंदबाज़ थे. टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 35 विकेट और 33 कैच भी लपके. 1954-55 में पाकिस्तान के दौरे पर बहावलपुर में उमरीगर ने गेंदबाज़ी में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. जिसमे उन्होंने 74 रन देकर छह विकेट झटके

संन्यास लेने के बाद बीसीसीआई के लिए किया काम 

अपने अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद उमरीगर 1978-82 के बीच चयन समिति के अध्यक्ष, टीम मैनेजर और बीसीसीआई के कार्यकारी सचिव भी बने. उन्हें प्रतिष्ठित सीके नायडू पुरस्कार से भी नवाज़ा गया.

ऐसे में भारतीय क्रिकेट के लिए अपनी अंतिम सांस तक तत्पर रहने वाले पॉली उमरीगर का निधन लिफ कैंसर के कारण 7 नवंबर 2006 को हुआ था. जिसके बाद से बीसीसीआई इस महान खिलाड़ी के नाम से हर साल सर्वश्रेष्ठ भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर का पुरस्कार देती आ रही है, जिसे पाने का सौभाग्य अब तक सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, राहुल द्रविड़, रविचंद्रन अश्विन, भुवनेश्वर कुमार और विराट कोहली जैसे क्रिकेटरों को प्रदान हुआ है.