इतिहास के पन्नों से
आज के दिन सचिन तेंदुलकर ने पहली बार की थी ओपनिंग और खेली थी ताबड़तोड़ पारी
By CricShots - Mar 27, 2018 1:05 pm
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भारत में क्रिकेट एक धर्म है तो इस खेल के खिलाड़ी भगवान, इस देस में प्रशंसक अपने खेल और खिलाड़ी के बारे में हर बात बड़ी बारीकी और नजदीकी से जानना चाहते हैं। आज के दर्शक के पास हर वो सुविधा है जिससे वो क्रिकेट की जानकारी आसानी से पा सकते हैं । लेकिन आज से 24 साल पहले प्रशंसकों के पास ये सुविधा नहीं थी। भारत में इंटरनेट नया-नया आया था और टीवी बहुत कम लोगों के पास होता था। वो क्रिकेट की जानकारी या तो रेडिया या अगले दिन अखबार में ही पढ़ पाते थे।

आज हम आपको बताने जा रहे हैं भारतीय क्रिकेट के उस अद्भूत किस्से के बारे में जिसे आप में से बहुत कम या ना के बराबर लोग जानते होंगे। बात है 27 मार्च 1994 की जो भारतीय क्रिकेट इतिहास में सुनहरे पन्नों में दर्ज हुआ। इस दिन भारतीय टीम को एक ऐसा ओपनर मिला जिसने भारतीय क्रिकेट को पूरी तरह से बदल कर रख दिया। दरअसल आज ही के दिन क्रिकेट के महानायक और मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को पहली बार ओपनिंग बल्लेबाजी करने का मौका मिला । आपको बता दें कि उन्हें ये मौका अपने करियर के 70वें मैच में मिला।  आइए जानते हैं  उन्हें अचानक से ये मौका मिलने का क्या कारण था।

चोटिल सिद्धू  की जगह सचिन को मौका मिलाः कहते हैं कि लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। ये मुहावरा इस परिस्थति पर बिल्कुल  सही बैठता है।  दरअसल, हुआ यूं था की 1994 में न्यीजूलैंड के खिलाफ इस दौरे में भारतीय टीम के नियमित ओपनर नवजोत सिंह सिद्धू को पारी की शुरवात करनी थी।

लेकिन मैच शुरू होने से कुछ देर पहले सिद्धू के गर्दन में खिंचाव आ गया  जिसके कारण वो ओपनिंग के लिए नहीं आ पाए। इस परिस्थति को देखते हुए कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन ने निर्णय लिया की ओपनिंग बल्लेबाजी की कमान सचिन तेंदुलकर संभालेंगे। और खुद तेंदुलकर यह बात अजहरूद्दीन और टीम मैनेजर अजीत वाडेकर को कई बार कह चुके थे।

सचिन ने खेली 82 रन की तूफानी पारी: सचिन ने कप्तान की बात को सही साबित करते हुए न्यूजीलैंड के खिलाफ चार वनडे मैचों के सीरीज के दूसरे मैच में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 82 रन ठोक डाले। एक तरफ ये मैच किसी के लिए लकी साबित हो रहा था । तो वहीं दुसरी तरफ विरोधी खेमे में एक खिलाड़ी का ये मैच बुरा सपना बन गया। हम बात कर रहे हैं न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर  गेविन लारसन की जिनके पहले ही ओवर में सचिन ने 3 चौंके और एक छक्का जड़ डाला।

न्यूजीलैंड के कप्तान ने ये हालात देखते हुए लारसन को बाद में गेंदबाजी करने का मौका ही नहीं दिया। आपको बता दें की न्यूजीलंड ने पहली बल्लेबाजी करते हुए इंडियन टीम के सामने 143 रन का लक्ष्य रखा था। जिसे इस टीम ने सचिन की 82 रन की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के बदौलत  7 विकेट रहते ही यह मैच जीत लिया। मास्टर ब्लास्टर को इस धुआंधार बल्लेबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से भी नवाजा गया । आइए एक नजर डालते हैं सचिन की बल्लेबाजी आंकड़े पर उन्होंने किस क्रम पर कितने रन बनाए।

  1. बतौर ओपनर सचिन ने 344 मैच में 48.29 की औसत से सर्वधिक 15310 रन बनाए
  2. वहीं अगर निचले क्रम की बात करें तो सचिन ने 119 मैचों में 33 की औसत से 3116 रन बनाए
  3. 3. मास्टर ब्लास्टर की शतक के आंकड़ों की बात करें तो उन्होंने 49 में से 45 शतक ओपनिंग करते हुए बनाए हैं ।
  4. सचिन की एकदिवसीय शतक की बात की जाए तो उन्होंने अपना पहला शतक 79 वें मैच में लगाया था। वो भी ओपनिंग करते हुए।

क्या कहा था अजहर ने सचिन के बारे में: भारतीय टीम के पूर्व कप्तान अजहर ने एक इंटरव्यू में कहा था की  मेरे दिमाग में ये बात पहले सी ही चल रही थी कि सचिन के जरिए पारी की शुरूआत की जाए । अजहर ने आगे कहा की सचिन को पांचवें या छठवें पायदान पर बल्लेबाजी करते हुए मात्र 5 या 6 ओवर खेलने का मौका मिलता था। जिस वजह से सचिन की प्रतिभा का टीम को पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा था। और न्यूजीलैंड के खिलाफ सिद्धू की इंजरी ने एक मौका दिया की क्यों ने पारी की शुरूआत सचिन से कराई जाए और देखिए नतीजे आप सबके सामने है ।

ओपनर बनना चाहते थे सचिन: सचिन ने एक बार बताया था कि उन्होंने ओपनिंग बल्लेबाजी करने के लिए तत्कालीन टीम मैनेजर अजीत वाडेकर से दरख्वास्त की थी कि पारी की शुरूआत मुझसे कराई जाए और अगर मैं असफल रहा  तो मैं दूसरे मौके के लिए कभी नहीं बोलूंगा। मास्टर ब्लास्टर कहते हैं की वो इसलिए ओपनिंग बल्लेबाजी करने चाहते थे क्योंकी शुरूआत के 15 ओवर में एक दायरे में फील्डिंग करता है और इस दौरान ओपनिंग बल्लेबाज के पास ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करने का अच्छा मौका रहता है।