इतिहास के पन्नों से
आज के दिन 2011 विश्व कप में भारत ने रचा था इतिहास, पाकिस्तान को हराकर पहुंचा था फाइनल में
By CricShots - Mar 30, 2018 4:31 pm
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2011 विश्व कप का खिताब आप सबको याद होगा। जब फाइनल में महेंद्र सिंह धोनी के अगुवाई वाली भारतीय टीम ने कुमार संगाकरा के श्रीलंका को 10 गेंद रहते ही ये प्रतियोगिता 6 विकेट से जीत ली थी। लेकिन इतिहास रचने से पहले टीम इंडिया को सेमीफाइनल में अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान से भिड़ना था। ऐसे में इस टीम के सामने करो या मारो की स्थिति थी। इस देश के लोग ये मानते हैं की आप किसी से भी हार जाओ लेकिन पाकिस्तान से मत हारो। औऱ कुछ ऐसा करने के ज्जबे से पहले बल्लेबाजी करने उतरे सचिन औऱ सहवाग पारी की शुरूआत करने गए थे । सहवाग तो मानो ये मन बनाकर आए थे की हर गेंद को बाउंड्री लाइन के पार पहुंचाना है। उन्होंने अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के दम पर टीम इंडिया के स्कोर को 6 ओवर में 50 रन के करीब पहुंचा दिया।

इम मैच के दूसरे ही ओवर में सहवाग ने तेज गेंदबाज उमर गुल के ओवर में 5 चौंके मारकर उनकी गेंदबाजी की लाइन और लेन्थ की धज्जियां उड़ा दी। हालांकि मुल्तान के सुल्तान 38 रन के स्कोर पर आउट हो गए। लेकिन पवेलीयन जाने से पहले उन्होंने टीम को एक मजबूत शुरूआत दे दी थी। वहीं दूसरी छोर पर बल्लेबाजी कर रहे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर काफी संभल-संभलकर खेल रहे थे। मास्टर ब्लास्टर को ये पता थी वो अपना आखिरी विश्व कप खेल रहे हैं।

एक छोर से तेंदुलकर इस पारी को संभालने के लिए लगातार अपना दम-खम झोंक रहे थे । तो वहीं दूसरी तरफ से विकेट गिरने का सिलसिला जारी था। सहवाग के बाद गौतम गंभीर, विराट कोहली और युवराज सिंह ज्यादा देर तक टिक नहीं पाए और जल्द ही आउट होकर पवेलियन लौट गए। छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने सचिन के साथ 46 रन की साझेदारी कर टीम को संभालने का काम किया। ऐसा लग रहा था की सचिन इस मैच में शतकीय पारी खेल जाएंगे । लेकिन ऐसा हो नहीं पाया औऱ सचिन 85 के स्कोर पर आउट हो गए।

हालंकि इसके बाद बल्लेबाजी करने आए सुरेश रैना ने धोनी के साथ मिलकर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया के स्कोर को 200 के पार पहुंचा दिया। लेकिन कुछ देर बाद धोनी  भी आउट हो गए। जिसके बाद रैना ने पारी को संभालते हुए टीम के स्कोर को 260 तक पहुंचा दिया। सेमीफाइनल जैसे इस हाइ वोल्टेज मुकाबले में पाकिस्तान के लिए बैटिंग करना आसान नहीं था। औऱ कुछ ऐसा देखने को भी मिला। पाकिस्तान हर छोटे अंतराल में विकेट खोता चला गया। जिसकी बदौलत भारत को ये मैच जीतने के लिए काफी मेहनत भी नहीं करनी पड़ी।

पाकिस्तान की तरफ से इस मैंच में मिस्बाह उल हक ने सबसे ज्यादा रन बनाए। इस मैच में उन्होंने ने 56 रन का योगदान दिया। इस मैच में  जहीर खान, आशीष नेहरा , मुनाफ पटेल, हरभजन सिंह और युवराज सिंह ने भारत के झोली में 2-2 विकेट डाले। जिसकी बदौलत इस टीम ने पाकिस्तान को 231 रन पर आल आउट कर वर्चुअल फाइनल को 29 रन से जीत लिया।